Thursday, October 29, 2009

first ghazal

After some improvement and lots of thinking i am writing my first ghazal or can say continuous shayari. I hope this makes sense to every reader:


मेरा दिल लिए जा रहे हो, बोलो संभाल पाओगे,
जिस दिन मेरी सांस टूटी, उस दिन तो मिलने आओगे |


ऐसे न रोंदो वोह दिल है दिल, ज़माना भी दुहाई देगा
क़यामत के दिन ये दिल ही तेरे लिए गवाही देगा |


जितनी भी तुम कोशिश कर लो, हमें नहीं भुला पाओगे,
जब भी ढूंढोगे तो दिल ही नहीं, हमें भी अपने पास पाओगे |


दुनिया की हर ख़ुशी मिले, यह दुआ दूँगा,
एक अश्क भी गिरा तेरा तो रब से भी बैर लूँगा |


तुम साथ न हो हर लम्हा यही एक गम होगा,
हम दुआ करेंगे यह जमाना तुम पर न इस तरह बेरहम होगा ||


--- लम्हा (Lamha)

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